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| Credit: PTI |
नई दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में मोबाइल फोन, चार्जर्स और कुछ अन्य कंपोनेंट्स पर आयात शुल्क में कटौती का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले छह वर्षों में घरेलू उत्पादन में तीन गुना वृद्धि और मोबाइल फोन के निर्यात में लगभग 100 गुना वृद्धि के साथ, भारतीय मोबाइल फोन उद्योग परिपक्व हो गया है।
उपभोक्ताओं को लाभ
सीतारमण ने कहा, "उपभोक्ताओं के हित में, मैं अब मोबाइल फोन, मोबाइल पीसीबीए और मोबाइल चार्जर पर बीसीडी (मूल सीमा शुल्क) को 15 प्रतिशत तक कम करने का प्रस्ताव करती हूं।" इससे पहले, मोबाइल फोन, चार्जर्स और मदरबोर्ड पर बीसीडी 20 प्रतिशत था।
इससे घरेलू उद्योग को बढ़ावा
इस कदम का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं को सस्ते दामों पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराना है। मोबाइल फोन उद्योग निकाय ICEA ने कहा कि इस कदम से भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होगी। ICEA के अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू ने कहा, "हमने मोबाइल फोन, इसके पीसीबीए और चार्जर/एडाप्टर पर बीसीडी को 15 प्रतिशत तक कम करने की सिफारिश की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।"
इसके आर्थिक प्रभाव
इस कदम से न केवल उपभोक्ताओं को लाभ होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और घरेलू उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। यह कदम सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' योजनाओं के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य देश को आत्मनिर्भर बनाना है।
आयात शुल्क में कटौती से न केवल उपभोक्ताओं को लाभ होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और घरेलू उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। यह कदम सरकार की दूरदर्शिता और विकासशील नीतियों का प्रतीक है।
